Feeds:
Posts
Comments

Archive for January, 2011

तमन्ना

तुम्हारे बिना बिखर के संभलना तो सीख लिया हमनें…, अफसोस ये है कि फिर से बिखर जाने की तमन्ना अब रहती है दिल में…! यूं तो हसीन साकी का दीदार तलक दर्द जगा देता है ज़हन में…, अफसोस ये है कि फिर से मयखाने जाने की तमन्ना रहती है दिल में…! तेरे दर का आज [...]

Read Full Post »

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.