तुम्हारे बिना बिखर के संभलना तो सीख लिया हमनें…, अफसोस ये है कि फिर से बिखर जाने की तमन्ना अब रहती है दिल में…! यूं तो हसीन साकी का दीदार तलक दर्द जगा देता है ज़हन में…, अफसोस ये है कि फिर से मयखाने जाने की तमन्ना रहती है दिल में…! तेरे दर का आज [...]